8th CPC Big Update: देशभर के सरकारी कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सैलरी और पेंशनरों को अपनी पेंशन बढ़ोतरी पर निगाहें लगी हुई हैं। 1 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है और संसद के इस शीतकालीन सत्र में एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों को एक जवाब का बेसब्री से इंतजार है। यह सवाल महंगाई भत्ता और महंगाई राहत तथा आठवें वेतन आयोग से संबंधित है। इस सवाल का जवाब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को देना है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए यह सवाल लोकसभा सांसद आनंद भदोरिया द्वारा पूछा गया है। इस सवाल का जवाब आते ही एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों को राहत मिलेगी। आईए जानते हैं क्या है सबसे महत्वपूर्ण सवाल।
आठवें वेतन आयोग का सबसे बड़ा सवाल क्या है?
सांसद भदोरिया द्वारा आठवें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ा सवाल पूछा गया है। यह सवाल है कि क्या सरकार उन सभी सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को तुरंत राहत प्रदान करने के लिए वर्तमान महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को उनके मूल वेतन में विलय करने का विचार रखती है या नहीं, जो पिछले 30 सालों से महंगाई का सामना करते आ रहे हैं। इन सभी कर्मचारियों को दिया जाने वाला महंगाई भत्ता और महंगाई राहत वास्तविक समय खुदरा महंगाई के हिसाब से बिल्कुल भी नहीं है। अगर हां तो इसकी पूरी जानकारी क्या है? अगर नहीं है तो फिर इसका मुख्य कारण क्या है? इसके अतिरिक्त भी सांसद भदोरिया के सवाल में शामिल किया गया है कि क्या केंद्र सरकार ने हाल ही में आठवें वेतन आयोग के गठन के लिए सूचना जारी की है? अगर हां तो उसका ब्योरा कहां है और अधिसूचना में क्या है?
65 लाख पेंशनर्स को मिलेगी राहत?
बता दें, पिछले दिनों भारत पेंशनभोगी समाज केंद्र सरकार के नए वेतन आयोग के लिए जारी की गई टर्म्स ऑफ रेफरेंस में लिखे गए कुछ शब्दों को लेकर बड़ी चिंता में है। यह चिंता सरकार के 65 लाख से ज्यादा पेंशनर्स शामिल है। साथ ही इसमें पारिवारिक पेंशन भी शामिल है। इन सभी को हो रही है कि टर्म्स ऑफ रेफरेंस में लिखा है कि गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की अवित्तपोषित लागत। यही वह शब्द है जिसे हटाने के लिए पूरा पेंशन समाज पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेज चुका है और टर्म्स ऑफ रेफरेंस में संशोधन की मांग कर चुका है। उनका कहना है कि टर्म्स ऑफ रेफरेंस में आपत्तिजनक शब्दावली का इस्तेमाल किया गया है। पुरानी पेंशन योजना और नई पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले लगभग 69 लाख से अधिक पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए वर्तमान में जारी की टर्म्स ऑफ रेफरेंस स्पष्ट नहीं है।
सवाल के जवाब से दूर होगी टेंशन
बता दें, कर्मचारियों को उन्हीं सवालों को लेकर काफी चिंता सता रही है। हालांकि अब संसद के शीतकालीन सत्र में यह सवाल रखा जा चुका है और इसका जवाब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देने वाली हैं। जबकि इससे 69 लाख से अधिक पेंशन धारकों को राहत मिल सकती है। बीपीएस टर्म्स ऑफ रेफरेंस में इसके अतिरिक्त भी कई संशोधनों की मांग कर चुकी है, जिसमें पेंशन के साथ-साथ रिटायरमेंट लागू की संरचना को नियंत्रित करने वाले सिद्धांतों की जांच करने की बात भी कही गई है। साथ ही पेंशन में संशोधन और किसी भी तिथि को रिटायर्ड होने वाले कर्मचारी के मामले में पेंशन में समानता लाने की बात भी कही गई है। लेकिन मुख्य तौर पर 69 लाख से अधिक पेंशन धारकों को आठवें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार है।





