8th Pay Commission DA Update: 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद आयोग ने सैलरी स्ट्रक्चर को नया रूप देने का काम शुरू कर दिया है। सरकार ने इस साल 2025 के अंतिम महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी की है। अब महंगाई भत्ता 55% से बढ़कर 58% तक पहुंच गया है, जो कि 1 जुलाई 2025 से लागू हो चुका है। इसी बीच सरकार ने आठवें वेतन आयोग का गठन कर दिया है और आयोग ने अपना काम शुरू कर दिया है। आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीने के अंदर सरकार को सौंपनी होगी। इसका सीधा सा मतलब है कि आठवां वेतन आयोग किसी भी समय लागू हो सकता है और कर्मचारियों को इसका बकाया वेतन 1 जनवरी 2026 से मिलना प्रारंभ हो जाएगा। अब कर्मचारियों के बीच महत्वपूर्ण चर्चा भी चल रही है कि दिसंबर 2025 के बाद भी क्या महंगाई भत्ता सहित अन्य भत्तों में बढ़ोतरी होगी या फिर इन बातों में किसी तरह का बदलाव किया जाएगा।
महंगाई भत्ते में कितने समय तक होगी बढ़ोतरी?
आयोग की सभी सिफारिशें जब तक लागू नहीं हो जातीं तब तक महंगाई भत्ता सातवें वेतन आयोग के हिसाब से ही मिलता रहेगा। जानकारी के अनुसार 18 महीने में 3% की वृद्धि और देखने को मिल सकती है। अगर आयोग की रिपोर्ट आने में कुछ और समय लग जाता है तो चार बार तक महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं महंगाई भत्ता बाद में आठवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाएगा। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आज के डिजिटल युग में हर काम तेजी से हो रहा है, ऐसे में आयोग अपनी रिपोर्ट समय से पहले भी सौंप सकता है। इसके साथ ही कुछ जानकारी के अनुसार आयोग अंतरिम रिपोर्ट भी दे सकता है, जिससे कर्मचारियों को आयोग द्वारा बनाए जा रहे सैलेरी स्ट्रक्चर के बारे में जानकारी मिल सकती है।
महंगाई भत्ते के अलावा अन्य भत्तों पर क्या होगा असर
महंगाई भत्ता बढ़ाने के साथ-साथ अन्य भत्तों की बात की जाए तो महंगाई भत्ते के साथ अन्य भत्तों में बढ़ोतरी का रास्ता भी खुल जाएगा। हाउस रेंट अलाउंस में सबसे अधिक बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि यह बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते दोनों से सीधे तौर पर जुड़ा होता है। इसी तरह ट्रांसपोर्ट अलाउंस और शिक्षा भत्ता में भी संशोधन हो सकता है। पेंशनर्स के लिए फिक्स मेडिकल अलाउंस में बढ़ोतरी की चर्चा भी चल रही है। वहीं ड्रेस अलाउंस और रिस्क अलाउंस की समीक्षा भी आयोग द्वारा की जाएगी। हाउस रेंट अलाउंस का सीधा संबंध महंगाई भत्ते से रखा जाता है। महंगाई भत्ता किसी खास सीमा को पार करता है तो हाउस रेंट अलाउंस की दरों की भी गणना दोबारा की जाती है। ट्रैवलिंग अलाउंस में भी बदलाव की काफी गुंजाइश रहेगी। वहीं चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस की बात की जाए तो महंगाई भत्ता 50% से ऊपर जाने पर इस भत्ते में बढ़ोतरी की जाती है। वहीं मेडिकल भत्ता और बेस अलाउंस के साथ-साथ रिस्क अलाउंस में भी आठवें वेतन आयोग के दौरान संशोधन किया जा सकता है।
कर्मचारियों को क्या मिलता रहेगा इंक्रीमेंट
सबसे महत्वपूर्ण बात इंक्रीमेंट को लेकर भी आती है। क्या इंक्रीमेंट लगातार मिलता रहेगा? तो इसका सीधा सा मतलब है कि यह लगातार मिलता रहेगा। जब तक आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं हो जातीं, कर्मचारियों को हर साल 3% का वार्षिक इंक्रीमेंट दिया जाता है और यह इंक्रीमेंट पहले की तरह ही मिलेगा, जैसा सातवें वेतन आयोग में निर्धारित किया गया है। वहीं करियर प्रोग्रेशन नियम की बात की जाए तो यह योजना पहले की तरह ही जारी रहेगी। यह एक स्थाई व्यवस्था के तौर पर संचालित है, जिसमें 10 साल, 20 साल और 30 साल की सर्विस पूरा करने के बाद कर्मचारियों के वित्तीय स्तर में बदलाव किया जाता है और बिना पद का नाम बदले वेतन स्ट्रक्चर में सुधार का लाभ मिलता है। यह नियम आठवें वेतन आयोग में भी लागू रहेगा।
8वें वेतन आयोग से पहले 2 लाख तक बढ़ोतरी
अगर आयोग की रिपोर्ट 18 महीने में आ जाती है तो कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में ₹200000 तक की सालाना बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है अभी द 58% है 3% की औसत मानी जाए तो 67% तक पहुंच सकता है ऐसे में अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 120000 है तो 67% महंगाई भत्ते के हिसाब से ₹80400 महंगाई भत्ता बनेगा। जो कि साल भर में लगभग 1.3 लाख बन जाएगा अगर बेसिक सैलरी 1.5 लाख से 1.7 लाख रुपये तक है तो यह लाभ ₹200000 तक पहुंच सकता है।





