8th Pay Commission Latest News: आठवां वेतन आयोग लागू होते ही कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी, तो कर्मचारी अपना खर्चा भी बढ़ा देंगे। इसके बाद भारतीय शेयर बाजार में भी मजबूती आ जाएगी। आठवें वेतन आयोग पर जेपी मॉर्गन की लेटेस्ट रिपोर्ट आई है। उसका कहना है कि आठवें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ोतरी से कंपनियों की बिक्री और मुनाफा दोनों बढ़ेगा और निवेशकों के दिन भी लौट आएंगे। वेतन में बढ़ोतरी से पूरी भारतीय अर्थव्यवस्था को एक बड़ी रफ्तार मिलेगी। रिपोर्ट के मुताबिक अगर कर्मचारियों की सैलरी बढ़ती है, तो बाजार का माहौल बदल जाएगा, खर्च भी बढ़ेगा। ऐसे में कंपनियों की कमाई भी तेजी से ऊपर चली जाएगी। आठवां वेतन लागू होने के बाद यह तस्वीर दिखाई दे सकती है। ग्लोबल बैंकिंग फर्म जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
8th Pay Commission Latest News
आठवें वेतन आयोग को लेकर काफी हलचल तेज हो चुकी है। रिटायर्ड जस्टिस रंजन देसाई की अध्यक्षता में यह कमेटी बनाई गई है। कमेटी ने प्रारंभिक बैठकों को शुरू कर दिया है। टर्म्स ऑफ रेफरेंस घोषित कर दी गई है। अब कमेटी के पास रिपोर्ट देने के लिए केवल 18 महीने का समय बचा है। रिपोर्ट पूरी तरह तैयार होने के बाद केंद्र सरकार उस पर अंत में जाकर फैसला लेगी। अगर इस रिपोर्ट को मंजूरी मिल जाती है, तो कर्मचारियों को नया वेतन और मिलने वाले अन्य सभी फायदे भले ही बाद में मिलेंगे, लेकिन 1 जनवरी 2026 से इसका असर, यानी कि पीछे की तारीख से लागू माना जाएगा और कर्मचारियों को बीच का सारा पैसा एरियर के तौर पर मिल जाएगा।
बढ़ जाएगा कंजम्पशन एक्सीलरेशन
जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट ने साफ किया है कि नया वेतन आयोग लागू होने से होने वाला कंजम्पशन एक्सीलरेशन, यानी कि तेजी से खर्च बढ़ेगा और भारतीय शेयर बाजार को भी मजबूती मिलेगी। बैंक का कहना है कि जब कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी, तो उनकी जेब में अधिक पैसे आएंगे। तो बड़े पैमाने पर विभिन्न प्रकार की खरीदारी, जिसमें गाड़ी, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, घर आदि शामिल होंगे, इनमें बढ़ोतरी होगी और खर्च बढ़ेगा। इससे कंपनियों की बिक्री और मुनाफा भी बढ़ जाएगा। इसके साथ-साथ घरेलू और विदेशी निवेशक शेयर बाजार में भी अधिक पैसा लगा सकेंगे।
आठवें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर होगा अहम
आठवें वेतन आयोग में गठित कमेटी तय करते समय जिन चीजों को देखते हैं, वह महत्वपूर्ण है। फिटमेंट फैक्टर पुराने वेतन को नए ढांचे में बदलने वाला महत्वपूर्ण गुणांक है। इसे तय करने में महंगाई भत्ता, जीवन यापन की लागत और डॉ. एक्वायर्ड का फार्मूला भी इस्तेमाल किया जाएगा। यही प्रमुख कारक है कि सैलरी में कितनी वास्तविक बढ़ोतरी होने वाली है। जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में छठे और सातवें वेतन आयोग के प्रभाव की भी तुलना करके बताया है। 2008 में जब छठा वेतन आयोग लागू किया गया था, तब फिटमेंट फैक्टर 1.74 से 1.86 के बीच रखा गया था और इसका सीधा असर वेतन में देखने को मिला था और 40% की बढ़ोतरी हो गई थी। कर्मचारियों को भारी भरकम एरियर का पैसा भी मिला था। इसके बाद सीधा असर बाजार पर दिखा, बड़े खर्च काफी बढ़ चुके थे। भाई, सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया, लेकिन वेतन वृद्धि केवल 25% तक ही हुई। इसका मुख्य कारण महंगाई भत्ता 125% तक पहुंच चुका था और उसे नए सिस्टम में जीरो कर दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों को एरियर का पैसा भी अधिक नहीं मिला।
1 जनवरी 2026 से लागू होगा आठवां वेतन आयोग
आठवें वेतन आयोग की उम्मीदें बढ़ चुकी हैं क्योंकि वेतन बढ़ाने का कंजम्पशन साइकिल दोबारा तेज हो जाएगा। 1 जनवरी 2026 से आयोग लागू होगा। भले ही रिपोर्ट आने में 18 महीने का समय लग जाए, लेकिन कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग का लाभ 1 जनवरी 2026 से मिलने लगेगा। आठवां वेतन आयोग लागू होने के बाद कर्मचारियों की वेतन वृद्धि अधिक व्यवहारिक और संतुलित रहेगी, तो इसका असर सीधा कर्मचारी तक ही नहीं, बल्कि पूरी भारतीय अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलेगा।





