आधार कार्ड को लेकर यूपी सरकार का बड़ा फैसला, रातों रात बदल दिया नियम, इस काम के लिए माना जायेगा अवैध Aadhar Card New Rules In UP

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Aadhar Card New Rules In UP: आधार कार्ड को एक जरूरी दस्तावेज माना जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधार कार्ड को जन्म तिथि का प्रमाण मानने से इनकार कर दिया है। नए आदेश के अनुसार अब जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड मान्य नहीं होगा। पूरे प्रदेश में यह नियम लागू हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने आधार कार्ड से जुड़ा यह बड़ा फैसला लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि आधार कार्ड को अब जन्मतिथि के प्रामाणिक प्रमाण के रूप में नहीं माना जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के नियोजन विभाग ने सभी विभागों के प्रमुख सचिवों और अपर मुख्य सचिवों को आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

आधार कार्ड अब जन्म तिथि का प्रमाण नहीं

उत्तर प्रदेश में पढ़ने वाले छात्रों या फिर आम नागरिकों के लिए यह महत्वपूर्ण खबर है, क्योंकि अब तक आधार कार्ड की जन्म तिथि को प्रामाणिक माना जाता था। लेकिन सरकार ने अब इसे प्रामाणिक नहीं माना है। सरकार ने यह कदम भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की ओर से 31 अक्टूबर को जारी किए गए उस पत्र के आधार पर उठाया है, जिसमें प्राधिकरण ने कहा था कि आधार में दर्ज जन्म तिथि अनुमानित होती है और इसे प्रमाणिक दस्तावेज के रूप में नहीं माना जाएगा। इसी पत्र को आधार बनाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने आधार कार्ड के इस नियम को बदल दिया है। अब आधार कार्ड की जन्मतिथि प्रामाणिक नहीं मानी जाएगी।

विभागों की गलतियों के कारण लिया फैसला

बता दें, नियोजन विभाग के विशेष सचिव अमित सिंह द्वारा शासनादेश जारी किया गया था, जिसमें प्राधिकरण की स्पष्ट गाइडलाइन होने के बावजूद प्रदेश के कई विभाग अभी भी आधार कार्ड को जन्म तिथि के रूप में मान रहे थे। इसी को देखते हुए शासन ने स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं कि किसी भी सरकारी प्रक्रिया में नियुक्ति, प्रमोशन या फिर सेवा रजिस्टर संशोधन या अन्य संवेदनशील दस्तावेजों में आधार को जन्म तिथि का प्रमाण बिल्कुल भी नहीं माना जाएगा।

जन्मतिथि के लिए यह प्रमाण पत्र होंगे मान्य

बता दें, उत्तर प्रदेश में जन्मतिथि प्रमाण के रूप में अब अन्य दस्तावेज मान्य होंगे, जिसमें स्कूल प्रमाण पत्र, हाई स्कूल मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी प्रमाण पत्र या नगर निकाय प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से माना जाएगा। बता दें, जन्म प्रमाण पत्र सहित इन दस्तावेजों को पहले से ही जन्म तिथि के लिए मंजूरी मिल चुकी है। यह सभी प्रमाण पत्र जन्मतिथि के तौर पर स्वीकार किए जाएंगे।

ग्राम पंचायत में ही बनेंगे आधार केंद्र

आधार सुविधाओं को सुगम बनाने के लिए एक और बड़ा कदम उत्तर प्रदेश सरकार ने उठाया है। अब ग्राम पंचायत सचिवालय में ही आधार कार्ड केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को शहरों में बार-बार चक्कर नहीं लगाने होंगे। प्रदेश भर में हजारों आधार कार्ड सेंटर खोलने की योजना तैयार की गई है। इन केंद्रों पर ग्रामीणों को नया आधार कार्ड बनवाने के साथ-साथ आधार कार्ड में सुधार के तौर पर जैसे नाम, पता, मोबाइल, फोटो आदि सभी त्रुटियां ठीक करने की सुविधा गांव में ही मिलेंगी।