आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगा सरकारी कर्मचारी वाला वेतन, सरकार का बड़ा फैसला आदेश जारी Outsource Employees Salary Hike

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Outsource Employees Salary Hike: आउटसोर्स संविदा कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन दिए जाने का आदेश जारी किया गया है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के अनुसार पहले चरण में लगभग 5500 संविदा कर्मचारियों को इसका लाभ दिया जाएगा। लंबे समय से नियमितीकरण और समान कार्य समान वेतन की मांग कर रहे इन कर्मचारियों के लिए राहत मिली है। यह कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगे सरकार के समक्ष रख रहे थे। उत्तराखंड सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार करते हुए समान काम के लिए समान वेतन दिए जाने का आदेश जारी कर दिया है। इसके बाद आप सभी कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से समान काम के लिए समान वेतन दिया जाएगा।

कर्मचारियों को मिलेगा समान कार्य का समान वेतन

बता दे समान कार्य के लिए समान वेतन नियमितीकरण आदि मांगों को लेकर उत्तराखंड के यह कर्मचारी कई दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे थे। यह मामला 2018 से चल रहा है जब नैनीताल हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए सरकार को निर्देश दिया था कि सभी प्रायोजित उपनल कर्मचारियों को नियमित किया जाए। नैनीताल हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर आदेशों का पालन नहीं किया गया तो सरकार के खिलाफ अब अवमानना की कार्यवाही भी की जाएगी। इसके बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दिया था। लेकिन इसके बाद भी सरकार ने नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं की। बता दें उत्तराखंड में वर्तमान में 22000 से अधिक आउटसोर्स संविदा उपनल कर्मचारी कार्यरत हैं जिसमें से 8000 से अधिक 10 साल से अधिक काम कर रहे हैं जो की नियमितीकरण के दायरे में शामिल किए जा सकते हैं। सरकार ने इन कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने का फैसला किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था महत्वपूर्ण फैसला

माननीय उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में महत्वपूर्ण फैसला दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि समान कार्य के लिए समान वेतन हर कर्मचारी का मौलिक अधिकार है। संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 39 D इस अधिकार की गारंटी देता है। ऐसे में उपनल संविदा और अस्थायी कर्मचारी को स्थायी कर्मचारियों से कम वेतन देना सीधा-सीधा अन्याय है। न्यायालय के आदेश और कर्मचारियों की मांगों को देखते हुए सरकार ने सीएम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक करके इन आउटसोर्स के माध्यम से रखे गए कर्मचारियों को पक्के कर्मचारियों के समान वेतन और सभी लाभ दिए जाने का फैसला लिया है।

इन कर्मचारियों को मिलेगा समान कार्य समान वेतन

आउटसोर्स कर्मचारियों को अब समान काम के लिए समान वेतन दिया जाएगा। बैठक में तय हुआ है कि पहले चरण में 12 साल या उससे अधिक समय के कर्मचारियों को यह लाभ दिया जाएगा। पहले चरण के लिए लगभग 5500 कर्मचारी लाभ ले सकेंगे। सैनिक कल्याण सचिव दीपेंद्र चौधरी की ओर से इसका आदेश जारी किया गया है। इसके बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। सभी कर्मचारी अपने काम पर लौट गए हैं। सरकार का यह फैसला लगभग 22000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ देगा। फिलहाल समय सीमा रखी गई है लेकिन आने वाले समय में अन्य सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिल सकेगा। फिलहाल 5000 कर्मचारी ही इस लाभ को ले सकेंगे लेकिन चरणबद्ध तरीके से सभी कर्मचारियों को लाभ दिया जाएगा। हालांकि सरकार ने यह निश्चित नहीं किया है कि प्रक्रिया कितने दिनों तक या फिर कितने सालों के अंतराल पर चलेगी।